Mob Lynching in Hindi -मॉब लिंचिंग क्या है, कारण, क़ानून और रोकथाम

July 2, 2021 · Team Praman · Editorial, essay, mob lynching, palghar, upsc

मॉब लिंचिंग क्या है – ( What is Mob lynching )

भी हाल ही में इश्माइल नाम के व्यक्ति को एक समूह ने पीट-पीटकर मार डाला ,कुछ दिन पहले पालघर में दो साधुओ को एक व्यक्ति के साथ पीट पीटकर एक समूह द्वारा मार डाला गया। इस प्रकार की घटनाओ को मोब लिंचिं का नाम दिया गया है अर्थात जब किसी व्यक्ति को भीड़ द्वारा पीट-पीट कर मार डाला जाता है, तो इसे भीड़ द्वारा की गई हिंसा या मॉब लिंचिंग (Mob Lynching) कहलाती है।
Lynch शब्द की उत्पत्ति चार्ल्स लिंच नाम के एक वर्जीनिया प्लांटर के नाम पर हुई है, जो अमेरिकी क्रांति के दौरान एक अनियमित अदालत का नेतृत्व करता था, जिसका गठन वफादारों को दंडित करने के लिए किया गया था।

अगर कारण ढूढ़ा जाए तो इसका कई कारण सामने आता है, ,अधिकतम मामलो में, भेदभाव इस क्राइम के लिए उत्तरदायी है ‘ चाहे काले -गोरे का भेद हो या धार्मिक भेद-भाव लेकिन वही ये भी सामने आता है की भारत में गौ हत्या ,चोरी, छिनैती  जैसे` मामलो में भीड़ का हिंसात्मक चेहरा  सामने आता है। इन मामलो में व्यक्ति की मौत भी हो जाती है।
‘इंडिया स्पेंड’ के मुताबिक पिछले 8 सालों में 52% हमले अफवाहों पर आधारित हैं।
भारत में ऐसे मामलो का ज्यादा आने का सामने आता है।

 कारण ( Reasons for Mob lynching ) 

  * Mob lynching  के खिलाफ कठोर क़ानून का न होना है

भारत में अगर भीड़ ने किसी व्यक्ति को मार डाला, तो इसे हत्या नहीं कहा जाएगा। यदि कोई एक व्यक्ति किसी को मारता है, तो वह हत्या के लिए उत्तरदायी होगा, लेकिन यदि वही अपराध भीड़ द्वारा किया जाता है, तो लोगों को धारा 304 के तहत दोषी ठहराया जाता है। ऐसी स्थिति में, उनको  या तो BAIL मिल जाती है या यदि पर्याप्त सबूत हैं, तो आप पर गैर इरादतन मानव वध का आरोप लगाया जाएगा, जो हत्या नहीं होगी, लेकिन उस व्यक्ति पर हत्या का आरोप नहीं लगाया जाएगा, जो कि अपराध की सटीक प्रकृति है

 * 21% मामलों में, पुलिस ने पीड़ितों/जीवित लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए। (इंडिया स्पेंड रिपोर्ट)।

सोशल मीडिया का दुष्प्रयोग –

ऐसे मामलो में धार्मिक हिंसा और अन्य अफवाहों का तेजी से प्रसारित करना , जिसमें गाय मां के मारे जाने की खबरें थीं, बच्चों के अपहरण की अफवाहें भी फैलायी गयी और गोरक्षा लिंचिंग के मामले की तरह, यहां भी सामाजिक दरारों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

राजनितिक गतिविधिया –

गंदी राजनीति: मॉब लिंचिंग एक सामाजिक मुद्दा होने के साथ-साथ राजनीतिक भी है। संकीर्ण सोच वाले राजनीतिक फायदे के चलते कुछ नेताओ ने भारत की विविधता ( जाति, वर्ग और सांप्रदायिक नफरत) का गलत इस्तेमाल किया और एक-दूसरे के खिलाफ सभाएं कीं जिससे दो समूहों में द्वेष उत्पन्न होना भी एक कारण है।

मोब लिंचिंग के लिए

कारण

(What is the law for mob lynching)
सुप्रीम कोर्ट(Supreme Court)  निर्देश –राज्य सरकारें उन जिलों, उप-मंडलों और गांवों की तत्काल पहचान करेंगी जहां हाल के दिनों में लिंचिंग और भीड़ की हिंसा की घटनाएं हुई हैं।

रोकथाम –

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