Category: साहित्य मंच

तुम्हारे बाद…मंगलेश हर्ष -साहित्य मंच

February 27, 2022 · pramanu12345

Sahitya Manch : तुम्हारे बाद…मंगलेश हर्ष तुम्हारे बाद… तुम्हारे बाद मैंने सबसे ज्यादा वक्त खुद को दियातुम्हारे बाद मैंने सबसे ज्यादा बातें खुद से कीतुम्हारे बाद मैं नहीं गया मयखाने की तरफमैंने अपने हाथों में नहीं उठायी कोई शराब की बोतलमैंने सिगरेट के धुओं में नहीं तलाशी जिंदगी की कोई उम्मीद।मैंने नहीं दी कोई गालीमैं […]

माँ को समर्पित दोहे…

February 23, 2022 · संदीप राज़ आनन्द

माँ ममता की मूर्ति है , भक्ति करे निष्काम ।चरणों में उनकी दिखे, जन्नत चारों धाम ।। देवी, जननी औ’ धरा, माता के उपमान ।माता के यशगान को, करते वेद-कुरान।। माँ को जब भी देखता, खुशियाँ मिले अपार ।रब के दूजे रूप को, पूजे यह संसार ।। लिये स्वर्ग की चाह वह, घूमे चारों धाम।जिसके […]

साहित्य मंच – गौतम गोरखपुरी की ग़ज़लें

February 1, 2022 · संदीप राज़ आनन्द

Sahitya Manch : गौतम गोरखपुरी की ग़ज़लें ग़ज़ल_1दर्द हमको दे जाती हो किसके लिएजान इतना सताती हो किसके लिए गर कोई और है तो बता दो मुझेहमसे बातें बनाती हो किसके लिए भटकता हूं मैं अब जुगुनुओ की तरहचांद बन के यूं आती हो किसके लिए हमको ये सब नहीं देखने को मिलातुम ये बिंदिया […]

साहित्य मंच -: जितेंद्र तिवारी की ग़ज़लें

January 6, 2022 · संदीप राज़ आनन्द

Sahitya Manch —- साहित्य मंच -: जितेंद्र तिवारी की ग़ज़लें ग़ज़ल_1 सब तय है कब आना है कब जाना हैया’नी हमको बस किरदार निभाना है इक पागल की नज़रों से गर देखो तोदुनिया का मतलब ही पागलख़ाना है उसने तकिये से बोला तुम जाओ अबइनका शाना ही मेरा सिरहाना है सबकी आँखों के अंदर बीनाई […]

साहित्य मंच :धीरज तिवारी के गीत

December 31, 2021 · संदीप राज़ आनन्द

Sahitya manch साहित्य मंच – धीरज तिवारी के गीत गीत_1 हाय  इस  निर्मम  धरा  परदौड़ता  दिन  रात  रे  मन ! स्वार्थ  का  पर्याय  मानवहो  चुका है  इस जगत मेंस्वार्थ  कैसे  सिद्ध  होगाफिर रहा है  इस जुगत मेंकामना की  सिद्धि  होगीकाम को दे  त्याग  रे मन! हाय  इस  निर्मम  धरा  परदौड़ता  दिन  रात  रे  मन! हर  […]

साहित्य मंच सावन शुक्ला की ग़ज़लें

December 18, 2021 · संदीप राज़ आनन्द

साहित्य मंच – सावन शुक्ला की ग़ज़लें ग़ज़ल_1 तमाम मज़हबी ज़हमत तमाम , जय श्री राम ।।मैं देखने लगा कण कण में राम ,जय श्री राम ।। चरागों अब तो उजालों पे बात आ गयी है ।।हवा का ख़ूब हुआ एहतिराम ,जय श्री राम ।। मैं अच्छे लोगों में अच्छा ,बुरों में डेढ़ बुरा ।।कहो […]

साहित्य मंच-अमरजीत यादव ‘अमर’ की चुनिंदा रचनाएँ

December 16, 2021 · संदीप राज़ आनन्द

साहित्य मंच-अमर’ की चुनिंदा रचनाएँ गिरोह उनका हमारी ग़ज़लें हमेशा ख़ारिज करेगा लेकिन ।नये ज़माने के शाइरों में उन्हें हमारे निशाँ मिलेंगे । किसे पता है कि किस जनम में कहाँ के बिछड़े कहाँ मिलेंगे।किसी से वादा नहीं किये हम यहाँ मिलें या वहाँ मिलेंगे । कहे है मनवा हमार हमसे की जब भी दिनकर […]

साहित्य मंच – नीरज नवीद की ग़ज़लें

November 28, 2021 · Team Praman

साहित्य मंच – नीरज नवीद की ग़ज़लें    ग़ज़ल_1हुक्मरानों पे शेर कहते हो?कैसे लोगों पे शेर कहते होतीरगी बढ़ रही थी तब चुप थेअब चराग़ों पे शेर कहते हो?क़ैद रखते हो उनको पिंजरे मेंऔर परिंदों पे शेर कहते हो?तुम ज़मीं के तो हो नहीं पाए!आसमानों पे शेर कहते हो?काट डाले दरख़्त सारे अबसाएबानों पे शेर […]

साहित्य मंच-रसोईघर के चार कोने…- सारिका पाण्डेय

November 21, 2021 · Team Praman

साहित्य मंच – रसोईघर के चार कोने…                                                             सारिका पाण्डेय                                    […]

साहित्य मंच – ग़ज़ल – पवन वर्मा

November 17, 2021 · Team Praman

                                                                       साहित्य मंच – ग़ज़ल                                  […]