The Paradox Digest

Category: आपका मंच

साहित्य मंच

तुम्हारे बाद…मंगलेश हर्ष -साहित्य मंच

Sahitya Manch : तुम्हारे बाद…मंगलेश हर्ष तुम्हारे बाद… तुम्हारे बाद मैंने सबसे ज्यादा वक्त खुद को दियातुम्हारे बाद मैंने सबसे ज्यादा बातें खुद से कीतुम्हारे बाद मैं नहीं…
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आपका मंच

माँ को समर्पित दोहे…

माँ ममता की मूर्ति है , भक्ति करे निष्काम ।चरणों में उनकी दिखे, जन्नत चारों धाम ।। देवी, जननी औ’ धरा, माता के उपमान ।माता के यशगान को,…
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साहित्य मंच – गौतम गोरखपुरी की ग़ज़लें

Sahitya Manch : गौतम गोरखपुरी की ग़ज़लें ग़ज़ल_1दर्द हमको दे जाती हो किसके लिएजान इतना सताती हो किसके लिए गर कोई और है तो बता दो मुझेहमसे बातें…
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साहित्य मंच -: जितेंद्र तिवारी की ग़ज़लें

Sahitya Manch —- साहित्य मंच -: जितेंद्र तिवारी की ग़ज़लें ग़ज़ल_1 सब तय है कब आना है कब जाना हैया’नी हमको बस किरदार निभाना है इक पागल की…
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साहित्य मंच :धीरज तिवारी के गीत

Sahitya manch साहित्य मंच – धीरज तिवारी के गीत गीत_1 हाय  इस  निर्मम  धरा  परदौड़ता  दिन  रात  रे  मन ! स्वार्थ  का  पर्याय  मानवहो  चुका है  इस जगत…
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साहित्य मंच सावन शुक्ला की ग़ज़लें

साहित्य मंच – सावन शुक्ला की ग़ज़लें ग़ज़ल_1 तमाम मज़हबी ज़हमत तमाम , जय श्री राम ।।मैं देखने लगा कण कण में राम ,जय श्री राम ।। चरागों…
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साहित्य मंच-अमरजीत यादव ‘अमर’ की चुनिंदा रचनाएँ

साहित्य मंच-अमर’ की चुनिंदा रचनाएँ गिरोह उनका हमारी ग़ज़लें हमेशा ख़ारिज करेगा लेकिन ।नये ज़माने के शाइरों में उन्हें हमारे निशाँ मिलेंगे । किसे पता है कि किस…
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साहित्य मंच – नीरज नवीद की ग़ज़लें

साहित्य मंच – नीरज नवीद की ग़ज़लें    ग़ज़ल_1हुक्मरानों पे शेर कहते हो?कैसे लोगों पे शेर कहते होतीरगी बढ़ रही थी तब चुप थेअब चराग़ों पे शेर कहते…
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