The Paradox Digest

Category: शायरी

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Festival

Happy Father’s Day: पिता को समर्पित दोहे…

पिता नाम कर्तव्य का, पिता नाम संकल्प।कहाँ पिता का विश्व में, कोई और विकल्प।। पिता पूर्ण परिवार हित, करते हैं तप-कर्म।तभी पिता को मानता, वेद गगन औ धर्म।।…
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साहित्य मंच

श्रवण कुमार ‘शाश्वत’ की कविता…

Sahitya Manch हथेलियां सिकुड़ती हैं रोटी की खातिर,फफोले निकलते हैं बेटी की खातिर।बढ़ता हूँ आगे फिर मुड़ जाता हूँ,बिखड़ता हूँ फिर खुद जुड़ जाता हूँ।रास्ते का उड़ता धूल…
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रोहित गुस्ताख़ की ग़ज़लें…

Gazal – Sahitya Manch ग़ज़ल_1 हर पल इक पागल की ख़ातिरख़्वाब सजाये कल की ख़ातिर जिस पल में जीनी थीं सदियाँआया वो इक पल की ख़ातिर बेच गिटार…
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साहित्य मंच

गौतम गोरखपुरी की ग़ज़लें…

Sahitya Manch : गौतम गोरखपुरी की ग़ज़लें ग़ज़ल_1 कोई भी नहीं है हमारा सिवा इन किताबों केमेरी ज़िन्दगी का सहारा सिवा इन किताबों के ये भी एक सच…
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अभिजित अयंक की ग़ज़लें…

Sahitya Manch– gazal ग़ज़ल-1 वहां पर फूल संग खुशबू दिखे हैजहां पर इश्क़ का साधू दिखे है ये पत्थर फूल बन कर लग रहे हैंअलग ही कैस का…
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साहित्य मंच

नील सुनील की ग़ज़लें…

Sahitya Manch ग़ज़ल-1ज़ख़्म ताज़ा इस बहाने से मिला थाहै  पुरानी  कील  कैलेंडर  नया  था दरमियाँ ही  चुप्पियाँ  पसरी  पड़ी थीदूरियाँ कुछ भी न थी पर फ़ासला था आ…
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साहित्य मंच

आशुतोष मिश्रा ‘अज़ल’ की ग़ज़लें…

Sahitya manch ग़ज़ल-1कर  ज़रा     और    इज़ाफ़ा   मिरी   हैरानी   मेंमेरी    तस्वीर    बना    बहते     हुए   पानी   में वो   शब-ए-वस्ल  चराग़ों  को  बुझा  कर  बोलेरौशनी   है    कहाँ    दरकार   बदन-ख़्वानी   में देख …
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शायरी

Valentine Day Special Shayri: शे’र-ओ-शायरी के बहाने प्यार मोहब्बत इश्क़ की बातें

Valentine Day Special Shayri दिल में किसी के राह किए जा रहा हूँ मैं कितना हसीं गुनाह किए जा रहा हूँ मैं जिगर मुरादाबादी—————————– हमें भी नींद आ…
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साहित्य मंच

साहित्य मंच – गौतम गोरखपुरी की ग़ज़लें

Sahitya Manch : गौतम गोरखपुरी की ग़ज़लें ग़ज़ल_1दर्द हमको दे जाती हो किसके लिएजान इतना सताती हो किसके लिए गर कोई और है तो बता दो मुझेहमसे बातें…
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